Constitutional Amendment: 01 से 86 तक संविधान संशोधन

Constitutional Amendment: 01 से 86 तक संविधान संशोधन 

1- संविधान संशोधन 1951

इसमें विचार एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर तीन कारणों से प्रतिबंध लगाया गया
a- सार्वजनिक हित के मुद्दे पर आदेश
b- विदेशी राज्यों से संबंध
c- अपराध भड़काना संबंधी मामले में

7- संविधान संशोधन 1956 (UPSC Exam)

इसमें राज्यों के चार वर्गों को एबीसीडी समाप्त किया एवं 14 राज्य व 6 केंद्र शासित प्रदेश बनाए गए

दो या दो से अधिक राज्यों के लिए सामूहिक न्यायालय की व्यवस्था की गई

8- संविधान संशोधन 1960

इसमें एससी एसटी के आरक्षण को 10 वर्षों के लिए बढ़ा दिया गया

10- संविधान संशोधन 1961

इसमें दादर एवं नगर हवेली को भारतीय संघ में शामिल किया गया

12- संविधान संशोधन 1961

इसमें गोवा और दमनदीप को भारत संघ में शामिल किया गया

14- विधान संशोधन 1962

-इसमें पांडिचेरी को भारतीय संघ में शामिल किया गया

– लोकसभा में सीटों की संख्या 500 से बढ़ाकर 525 कर दी गई

– हिमाचल प्रदेश मणिपुर त्रिपुरा और पांडिचेरी में विधानमंडल की बात की गई

15- संविधान संशोधन 1963

इसमें हाईकोर्ट के न्यायाधीशों की सेवानिवृत्ति की उम्र 60 से बढ़ाकर 62 कर दी गई

22- विधान संसोधन 1969

इसमें असम से एक नए राज्य मेघालय का गठन हुआ

23- संविधान संशोधन 1970

-एससी एसटी का आरक्षण उन्हें 10 वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया

24- संविधान संशोधन 1971

-संसद को अधिकार दिया गया कि वह संविधान के किसी भी हिस्से में संशोधन कर सकती है परंतु मूल ढांचे में नहीं

– संविधान संशोधन को मंजूरी देने के लिए राष्ट्रपति बाध्य होंगे

31- संविधान संशोधन

इसमें लोकसभा की सीटों की संख्या 525 से बढ़ाकर 545 कर दी गई

35- संविधान संशोधन 1975

इसमें सिक्किम भारत संघ का सहयोगी राज्य बना

36- विधान संशोधन 197*

इसमें सिक्किम को पूर्ण राज्य का दर्जा दिया गया

41- संविधान संशोधन 1976

इसमें राज्य लोक सेवा आयोग एवं संयुक्त लोक सेवा आयोग में सदस्यों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 कर दी गई

42- संविधान संशोधन 1976( इंदिरा गांधी सरकार में)

इस संविधान संशोधन को लघु संविधान भी कहा जाता है इसमें संविधान की उद्देशिका में 3 नए विचार जोड़े गए

a- समाजवादी
b– प्रभु संपन्नता
c- अखंडता

– संविधान के भाग 4 में खंड A जोड़ा गया जिसमें मूल कर्तव्य संविधान में सम्मिलित किए गए

– इसमें कहा गया कि राष्ट्रपति मंत्रिमंडल की सलाह मानने के लिए बाध्यकारी होंगे

-DPSP मैं तीन नए तत्व जोड़े गए

a- समान न्याय अर्थात निशुल्क कानूनी सहायता
b- औद्योगिक प्रबंध में श्रमिकों की भागीदारी
c- पर्यावरण एवं वन्य जीवो की रक्षा

* राज्य में कानून व्यवस्था के लिए केंद सैन्य Bal भेज सकता है

44- संविधान संशोधन 1978 (मोरारजी देसाई की सरकार में)

– राष्ट्रपति द्वारा मंत्रिमंडल की सलाह को एक बार पुनः विचार के लिए वापस भेजा जा सकता है

– राष्ट्रीय आपदा में आंतरिक अशांति के स्थान पर सशस्त्र विद्रोह जोड़ा गया

– संपत्ति के अधिकार को मौलिक श्रेणी से हटाकर इसे संसद के अधिकृत कर दिया गया और 300(A) के तहत रख दिया

45- संविधान संशोधन 1990

इसमें एसटी एससी के आरक्षण को 10 वर्ष के लिए पुनः बढ़ा दिया गय

52- संविधान संशोधन 1985

संशोधन में दल बदल कानून बनाया गया

61- समविधान संशोधन 1989

 इसमें लोकसभा एवं विधानसभा में मतदान की उम्र को 21 से घटाकर 18 वर्ष कर दिया गया

62- संविधान संशोधन 1989

इसमें एससी एसटी के आरक्षण को पुनः 10 वर्ष के लिए बढ़ाया गया

69- संविधान संशोधन 1991

– इसमें केंद्र शासित प्रदेश दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र घोषित किया गया तथा 70 सदस्य विधानसभा बनाई गई तथा 7 सदस्य मंत्री परिषद

70- संविधान संशोधन 1991

राष्ट्रपति के निर्वाचन मंडल में दिल्ली एवं पांडुचेरी विधानसभा के सदस्यों को शामिल किया गया

71- संविधान संसोधन..1992

इसमें अनुसूची 8 में कौकड़ी नेपाली और मणिपुरी भाषा जोड़ी गई

73- संविधान संशोधन 1992

इसमें पंचायतों को संवैधानिक दर्जा दिया गया

11वीं अनुसूची जोड़ी गई तथा 29 विषय दिए गए जिन पर पंचायतें अमल करेंगी

74- संविधान संशोधन 1993

 इसमें 12 शहरी विकास संस्थाएं जोड़ी गई

 शहरी निकायों द्वारा कार्य किया जाए

79- संविधान संशोधन 2000

एससी एसटी का आरक्षण 10 वर्ष के लिए पुनः बढ़ाया गया 2010 तक

84- समविधान संशोधन 2002

लोकसभा विधानसभा में सीटों की संख्या 2026 तक यथावत बनी रहेगी

86- संशोधन 2002

-प्राथमिक शिक्षा को मूल अधिकार बना दिया गया अनुच्छेद 21a में जोड़ा गया तथा 6 से 14 वर्ष के बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था की गई

– कर्तव्य में जोड़ा गया कि अभिभावकों का दायित्व है कि वह अपने बच्चों को प्राथमिक शिक्षा दें
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