Sentences of the day : एक चुट्की सिंदुर कि तुम क्या किमत जानो

Sentences of the day 

🔹एक चुट्की सिंदुर कि तुम क्या किमत जानो दीपक बाबू? ➺ What a pinch of vermilion costs you know Deepak Babu?

🔹तेरी आंखें निकाल कर गोटियां खेलूगी ➺ I will play pieces by taking out your eyes.

🔹मैं जहां खड़ा होता हूं, लाइन वहां से शुरू हो जाती। ➺ The line starts where I stand

🔹रिश्ते में तो हम तुम्हारे बाप लगते हैं और नाम है दीपक➺ In a relationship, I look like your father and my name is Deepak.

🔹जब लोग तुम्हारे खिलाफ बोलने लगे तो समझ जाना तरक्की कर रहे हो ➺ When people start speaking against you, then understand that you are progressing.

🔹दिन रात लोगों के होते होंगे शेरों का तो जमाना होता है। ➺ Day and night would have belonged to people, there is a time of lions.

🔹मेरी डिक्शनरी में इंपॉसिबल नाम का कोई शब्द नहीं। ➺ There is no word named Impossible in my dictionary.

🔹कहां से खरीदी इतनी बकवास डिक्शनरी? ➺ Where did you buy such a rubbish dictionary?

🔹डॉन को पकड़ना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन ➺ It is not only hard but impossible to catch Don.

🔹पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त! ➺ My Friend The Film Is not Over Yet!

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